TPA 1882 जानिए बंधक क्या है, क्या है बंधक के आवश्यक तत्व एवं प्रकार

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➡️ संपत्ति अंतरण अधिनियम (Transfer of Property Act) 1982 की धारा 58(a) में बंधक (Mortgage) को परिभाषित किया गया है

धारा 58 बंधक की परिभाषा –

👉 किसी विशिष्ट अचल संपत्ति में किसी हित का वह अन्तरण, जो

उधार के तौर पर दिये जाने वाले या

दिए गये धन के भुगतान को या

वर्तमान या भविष्य में दिये जाने वाले ऋण के भुगतान को या

ऐसे वचनबन्ध का पालन जिससे धन सम्बन्धी दायित्व की उत्पत्ति हो सके,

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CRPC 1973 तलाशी वारण्ट (Search Warrant)

“तलाशी” से तात्पर्य किसी वस्तु को सावधानी पूर्वक और ध्यान से देखकर या परीक्षा करके उसका पता लगाने से है।

दण्ड प्रक्रिया संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत किसी चीज, वस्तु या स्थान की तलाशी किये जाने के सम्बन्ध में प्रावधान किया गया है।

तलाशी किया जाना किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के विरुद्ध होता है । इसलिए ऐसा आदेश विधि के
उपबंधो के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

सामान्यतः तलाशी दो प्रकार से की जा सकती है –
I. तलाशी वारण्ट के बिना
II. तलाशी वारण्ट के अंतर्गत

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CRPC 1973 जानिए केस डायरी (Case Diary) क्या है ?

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अन्वेषण में कार्यवाही की डायरी –

धारा 172 के अनुसार अन्वेषण अधिकारी अन्वेषण में की गयी कार्यवाहियों को दिन प्रतिदिन एक डायरी में लिखेगा जिसे केस डायरी कहते हैं।

दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 161 के अधीन अन्वेषण के अनुक्रम के दौरान लेखबद्ध किये गये अभियुक्त के बयान को केस डायरी में लेखबद्ध किया जाता है।

👉 दण्ड न्यायालय केस डायरी को साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं कर सकता है।

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IPC 1860 अपराध करने में अक्षम व्यक्ति

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इस आलेख के माध्यम से हम भारतीय दण्ड संहिता की धारा 82 को समझेंगे

इस धारा के अनुसार –

“ कोई बात अपराध नहीं है जो सात वर्ष से कम आयु के शिशु द्वारा की जाती है ”

यानी 7 वर्ष से कम आयु के शिशु द्वारा यदि कोई अपराध किया जाता है वह अपराध की श्रेणी में नहीं आता है

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IPC 1860 व्यपहरण एवं अपहरण Kidnapping and Abduction

🛑 धारा 359 ( भारतीय दण्ड संहिता ) में व्यपहरण दो प्रकार का बताया गया है ।

प्रथम – भारत से व्यपहरण ( Kidnapping from India )

द्वितीय – विधिक संरक्षण से व्यपहरण ( Kidnapping from Lawful Guardianship )

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 360 में भारत से व्यपहरण को परिभाषित किया गया है , जो ज्यादा उपयोग में नहीं आता । भारत के स्वतन्त्र होने से पूर्व ब्रिटिश शासन में इसका उपयोग होता था , परन्तु अब नहीं ।

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